फ़रिश्ते किससे बनाए गए हैं?
फ़रिश्तों को नूर (प्रकाश) से बनाया गया है। पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने फ़रमाया: “फ़रिश्तों को नूर से पैदा किया गया, जिन्नों को धुएँ रहित आग से …
फ़रिश्तों को नूर (प्रकाश) से बनाया गया है। पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने फ़रमाया: “फ़रिश्तों को नूर से पैदा किया गया, जिन्नों को धुएँ रहित आग से …
जिब्रील (अ.) अल्लाह के सबसे महान एवं प्रमुख फ़रिश्तों में से एक हैं। उनका मुख्य कार्य अल्लाह की वही (प्रकाशना) नबियों तक पहुँचाना था। कुरआन में …
ईमान इस्लाम की आत्मा है। यह केवल मुँह की बात नहीं, बल्कि हृदय का गहरा विश्वास, ज़बान की स्वीकारोक्ति और अंगों के अमल का समन्वित रूप …
अल्लाह तआला को सही रूप से जानने और उन पर पूर्ण ईमान रखने के लिए उनके गुणों (सिफात) का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। अल्लाह के गुण …
कुरआन अल्लाह का प्रत्यक्ष वचन (कलामुल्लाह) है, जो फ़रिश्ता जिब्रील (अ.स.) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित हुआ। हदीस पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के कथन, …
हदीस इस्लाम का दूसरा प्रमुख स्रोत है, जो पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के कथनों, कार्यों और मौन स्वीकृतियों को समाहित करता है। लेकिन सभी हदीसें समान स्तर …
आक़ीदा इस्लामी जीवन दर्शन की नींव है। ‘आक़ीदा’ शब्द अरबी भाषा के ‘अक़्द’ (عقد) मूल से निकला है, जिसका शाब्दिक अर्थ है दृढ़ गांठ, मज़बूत बंधन …
कियास (अरबी: قياس) इस्लामी कानून (फ़िक़्ह) का चौथा प्रमुख स्रोत है। इसका अर्थ है किसी नए मसले का हुक्म उस पुराने मसले के आधार पर निर्धारित …
पवित्र कुरआन अरबी भाषा में इसलिए अवतरित हुआ क्योंकि पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) अरब में भेजे गए थे और उनकी क़ौम की भाषा अरबी थी। साथ ही …
इज्तिहाद (अरबी: اجتهاد) इस्लामी विधिशास्त्र की वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक योग्य विद्वान (मुज्तहिद) कुरआन, सुन्नत, इजमा और कियास जैसे शरई स्रोतों के आधार …
पवित्र कुरआन में सजदा तिलावत की कुल 15 आयतें मानी जाती हैं। जब कोई मुसलमान इन आयतों को पढ़ता या सुनता है, तो उसके लिए सजदा …
हदीस को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है। स्वीकार्यता के आधार पर इसकी प्रमुख श्रेणियाँ हैं: सहीह, हसन, जईफ और मौज़ू। रावियों की संख्या के …