जिब्रील (अ.) कौन हैं?
जिब्रील (अ.) अल्लाह के सबसे महान एवं प्रमुख फ़रिश्तों में से एक हैं। उनका मुख्य कार्य अल्लाह की वही (प्रकाशना) नबियों तक पहुँचाना था। …
जिब्रील (अ.) अल्लाह के सबसे महान एवं प्रमुख फ़रिश्तों में से एक हैं। उनका मुख्य कार्य अल्लाह की वही (प्रकाशना) नबियों तक पहुँचाना था। …
जामे तिर्मिज़ी हदीसशास्त्र का एक अद्वितीय और अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें सहीह, हसन और ज़ईफ़ हदीसों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग दर्ज किया …
फ़रिश्तों को नूर (प्रकाश) से बनाया गया है। पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने फ़रमाया: “फ़रिश्तों को नूर से पैदा किया गया, जिन्नों को धुएँ रहित …
कुरआन अल्लाह का प्रत्यक्ष वचन (कलामुल्लाह) है, जो फ़रिश्ता जिब्रील (अ.स.) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित हुआ। हदीस पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) …
इज्तिहाद (अरबी: اجتهاد) इस्लामी विधिशास्त्र की वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक योग्य विद्वान (मुज्तहिद) कुरआन, सुन्नत, इजमा और कियास जैसे शरई स्रोतों …
पवित्र कुरआन में सजदा तिलावत की कुल 15 आयतें मानी जाती हैं। जब कोई मुसलमान इन आयतों को पढ़ता या सुनता है, तो उसके …
कुतुब अल-सित्ताह (अरबी: الكتب الستة) हदीस की छह सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित पुस्तकों का समूह है। इस्लामी विद्वानों के अनुसार ये ग्रंथ कुरआन के …
सहीह हदीस वह हदीस है जो मुहद्दिसीन द्वारा निर्धारित कठोर मानदंडों को पूरा करती हो और जिसकी सनद (श्रृंखला) तथा मत्न (पाठ) दोनों विश्वसनीय …
सुनन नासाई हदीस साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक है और इसे कुतुबुस सित्ताह (छः प्रामाणिक हदीस ग्रंथों) की पाँचवीं पुस्तक माना …
सुन्नत पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के कथन, कार्य, मौन स्वीकृति (तक़रीर) और जीवन-पद्धति का नाम है। यह इस्लाम का दूसरा मूल स्रोत है तथा कुरआन …
हसन हदीस सहीह हदीस के बाद विश्वसनीय हदीस की दूसरी श्रेणी है। इसकी सनद (श्रृंखला) जुड़ी हुई होती है और इसके रावी न्यायप्रिय होते …
हदीस इस्लाम का दूसरा प्रमुख स्रोत है, जो कुरआन के बाद मुसलमानों के लिए मार्गदर्शन का आधार है। इसलिए यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि …