हदीस क्या है? यह क्यों महत्वपूर्ण है?
हदीस पैग़म्बर (ﷺ) के कथनों, कर्मों, स्वीकृतियों और जीवन-व्यवहार का रिकॉर्ड है। यह कुरआन के बाद इस्लाम का दूसरा प्रमुख स्रोत माना जाता है। हदीस मुसलमानों …
हदीस पैग़म्बर (ﷺ) के कथनों, कर्मों, स्वीकृतियों और जीवन-व्यवहार का रिकॉर्ड है। यह कुरआन के बाद इस्लाम का दूसरा प्रमुख स्रोत माना जाता है। हदीस मुसलमानों …
‘इस्लाम’ शब्द का मुख्य अर्थ एकमात्र ईश्वर (अल्लाह) के सामने खुद को पूरी तरह समर्पित कर देना और उसकी आज्ञा का पालन करना है। इसी समर्पण …
इस्लाम की मूल नींव तीन हैं: तौहीद (अल्लाह की एकता), रिसालत (नबियों और रसूलों पर विश्वास) और आख़िरत (मृत्यु के बाद के जीवन पर विश्वास)। ये …
इस्लाम अल्लाह द्वारा मानवता के लिए भेजा गया अंतिम और पूर्ण जीवन-मार्ग है। इसका अर्थ है अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण, आज्ञाकारिता और उसकी इच्छा के …
इस्लाम पाँच मूलभूत स्तंभों पर आधारित है। ये हैं: कलिमा शहादत, नमाज़, ज़कात, रोज़ा और हज। ये पाँचों स्तंभ मुसलमान के ईमान, इबादत और जीवन-व्यवस्था की …
नमाज़ इस्लाम की दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण शारीरिक इबादत है। यह अल्लाह की बंदगी, याद और आज्ञापालन का एक विशेष तरीका है, जिसे हर बालिग मुसलमान …
ज़कात इस्लाम का तीसरा स्तंभ है और एक अनिवार्य आर्थिक इबादत है। यह उन मुसलमानों पर फ़र्ज़ है जिनके पास निसाब के बराबर या उससे अधिक …
आख़िरत (परलोक) से तात्पर्य मृत्यु के बाद आने वाले उस अनंत जीवन से है जिसमें सभी मनुष्यों को पुनर्जीवित किया जाएगा, उनका हिसाब लिया जाएगा और …
कलिमा शहादत इस्लाम की मूल गवाही है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति यह स्वीकार करता है कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य उपास्य नहीं है और …
हज इस्लाम का पाँचवाँ स्तंभ है और मुसलमानों पर सबसे महत्वपूर्ण इबादतों में से एक है। यह सऊदी अरब के मक्का शहर में ज़िलहिज्जा महीने के …