अल्लाह के कितने गुण हैं?
अल्लाह तआला को सही रूप से जानने और उन पर पूर्ण ईमान रखने के लिए उनके गुणों (सिफात) का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। अल्लाह के गुण …
अल्लाह तआला को सही रूप से जानने और उन पर पूर्ण ईमान रखने के लिए उनके गुणों (सिफात) का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। अल्लाह के गुण …
कुरआन अल्लाह का प्रत्यक्ष वचन (कलामुल्लाह) है, जो फ़रिश्ता जिब्रील (अ.स.) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित हुआ। हदीस पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के कथन, …
कियास (अरबी: قياس) इस्लामी कानून (फ़िक़्ह) का चौथा प्रमुख स्रोत है। इसका अर्थ है किसी नए मसले का हुक्म उस पुराने मसले के आधार पर निर्धारित …
पवित्र कुरआन अरबी भाषा में इसलिए अवतरित हुआ क्योंकि पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) अरब में भेजे गए थे और उनकी क़ौम की भाषा अरबी थी। साथ ही …
इज्तिहाद (अरबी: اجتهاد) इस्लामी विधिशास्त्र की वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक योग्य विद्वान (मुज्तहिद) कुरआन, सुन्नत, इजमा और कियास जैसे शरई स्रोतों के आधार …
पवित्र कुरआन में सजदा तिलावत की कुल 15 आयतें मानी जाती हैं। जब कोई मुसलमान इन आयतों को पढ़ता या सुनता है, तो उसके लिए सजदा …
हदीस को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है। स्वीकार्यता के आधार पर इसकी प्रमुख श्रेणियाँ हैं: सहीह, हसन, जईफ और मौज़ू। रावियों की संख्या के …
मौज़ू (मनगढ़ंत) हदीस वह हदीस है जिसे किसी व्यक्ति ने स्वयं गढ़कर झूठे रूप में पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) की ओर मंसूब कर दिया हो। यह हदीस …
हदीस कुदसी (पवित्र हदीस) वह हदीस है जिसका अर्थ अल्लाह तआला की ओर से होता है, जबकि उसके शब्द पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के होते हैं। यह …
कुतुब अल-सित्ताह (अरबी: الكتب الستة) हदीस की छह सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित पुस्तकों का समूह है। इस्लामी विद्वानों के अनुसार ये ग्रंथ कुरआन के बाद सुन्नत …