हदीस और कुरआन के बीच क्या अंतर है?
कुरआन अल्लाह का प्रत्यक्ष वचन (कलामुल्लाह) है, जो फ़रिश्ता जिब्रील (अ.स.) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित हुआ। हदीस पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के कथन, …
कुरआन अल्लाह का प्रत्यक्ष वचन (कलामुल्लाह) है, जो फ़रिश्ता जिब्रील (अ.स.) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित हुआ। हदीस पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के कथन, …
कियास (अरबी: قياس) इस्लामी कानून (फ़िक़्ह) का चौथा प्रमुख स्रोत है। इसका अर्थ है किसी नए मसले का हुक्म उस पुराने मसले के आधार पर निर्धारित …
इज्तिहाद (अरबी: اجتهاد) इस्लामी विधिशास्त्र की वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक योग्य विद्वान (मुज्तहिद) कुरआन, सुन्नत, इजमा और कियास जैसे शरई स्रोतों के आधार …
हदीस को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है। स्वीकार्यता के आधार पर इसकी प्रमुख श्रेणियाँ हैं: सहीह, हसन, जईफ और मौज़ू। रावियों की संख्या के …
मौज़ू (मनगढ़ंत) हदीस वह हदीस है जिसे किसी व्यक्ति ने स्वयं गढ़कर झूठे रूप में पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) की ओर मंसूब कर दिया हो। यह हदीस …
हदीस कुदसी (पवित्र हदीस) वह हदीस है जिसका अर्थ अल्लाह तआला की ओर से होता है, जबकि उसके शब्द पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के होते हैं। यह …
कुतुब अल-सित्ताह (अरबी: الكتب الستة) हदीस की छह सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित पुस्तकों का समूह है। इस्लामी विद्वानों के अनुसार ये ग्रंथ कुरआन के बाद सुन्नत …
सुन्नत पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के कथन, कार्य, मौन स्वीकृति (तक़रीर) और जीवन-पद्धति का नाम है। यह इस्लाम का दूसरा मूल स्रोत है तथा कुरआन की व्याख्या …
सहीह हदीस वह हदीस है जो मुहद्दिसीन द्वारा निर्धारित कठोर मानदंडों को पूरा करती हो और जिसकी सनद (श्रृंखला) तथा मत्न (पाठ) दोनों विश्वसनीय हों। यह …
हसन हदीस सहीह हदीस के बाद विश्वसनीय हदीस की दूसरी श्रेणी है। इसकी सनद (श्रृंखला) जुड़ी हुई होती है और इसके रावी न्यायप्रिय होते हैं, लेकिन …