इमाम ज़ुहरी कौन थे?
इमाम ज़ुहरी (मुहम्मद इब्न मुस्लिम इब्न शिहाब अज़-ज़ुहरी, मृ. 124 हिजरी) हदीसशास्त्र के महान पथप्रदर्शक, प्रतिष्ठित ताबिई और प्रारंभिक हदीस संकलन आंदोलन के अग्रणी विद्वान थे। …
इमाम ज़ुहरी (मुहम्मद इब्न मुस्लिम इब्न शिहाब अज़-ज़ुहरी, मृ. 124 हिजरी) हदीसशास्त्र के महान पथप्रदर्शक, प्रतिष्ठित ताबिई और प्रारंभिक हदीस संकलन आंदोलन के अग्रणी विद्वान थे। …
इमाम बुखारी ने केवल 10 वर्ष की आयु में हदीस अध्ययन शुरू कर दिया था। बचपन से ही उनकी स्मरण शक्ति असाधारण थी और वे हदीसों …
सहीह बुखारी और सहीह मुस्लिम इस्लाम की दो सबसे प्रामाणिक हदीस पुस्तकों का नाम हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से “सहीहैन” कहा जाता है। दोनों ग्रंथों में …
इमाम अबू अब्दुल्लाह मुहम्मद इब्न इस्माइल अल-बुखारी (194–256 हिजरी / 810–870 ई.) इस्लाम के महान मुहद्दिस, हदीस विज्ञान के अग्रणी विद्वान और प्रसिद्ध ग्रंथ सहीह अल-बुखारी …
कुतुब अल-सित्ताह (Kutub al-Sittah) का अर्थ है “छह पुस्तकें”। यह इस्लाम की छह सबसे प्रसिद्ध और व्यापक रूप से स्वीकृत हदीस पुस्तकों का समूह है, जिनमें …
सहीह हदीस वह हदीस है जिसकी सनद (रावियों की श्रृंखला) पूरी तरह जुड़ी हुई हो, सभी रावी विश्वसनीय, न्यायप्रिय और मजबूत स्मरणशक्ति वाले हों, तथा हदीस …
मरफू (Marfu‘), मौकूफ (Mawquf) और मक़्तू (Maqtu‘) हदीस विज्ञान (उलूम अल-हदीस) की महत्वपूर्ण शब्दावली हैं, जिनका उपयोग किसी रिवायत (Narration) के स्रोत की पहचान करने के …
मुहद्दिस (Muhaddith) वह इस्लामी विद्वान होता है जो हदीस विज्ञान में विशेषज्ञता रखता है। वह हदीसों के संग्रह, संरक्षण, रावियों (वर्णनकर्ताओं) की जांच, सनद (Isnad) और …
जईफ (कमज़ोर) हदीस वह हदीस है जो सहीह या हसन हदीस की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं करती। इसकी सनद (वर्णन-श्रृंखला) में किसी प्रकार की कमजोरी, …
मक्की सूरह वे हैं जो पैगंबर मुहम्मद ﷺ पर हिजरत से पहले अवतरित हुईं, जबकि मदानी सूरह वे हैं जो हिजरत के बाद अवतरित हुईं। मक्की …