इमाम बुखारी ने कितनी आयु में हदीस अध्ययन शुरू किया?
इमाम बुखारी ने केवल 10 वर्ष की आयु में हदीस अध्ययन शुरू कर दिया था। बचपन से ही उनकी स्मरण शक्ति असाधारण थी और वे हदीसों …
इमाम बुखारी ने केवल 10 वर्ष की आयु में हदीस अध्ययन शुरू कर दिया था। बचपन से ही उनकी स्मरण शक्ति असाधारण थी और वे हदीसों …
सहीह बुखारी और सहीह मुस्लिम इस्लाम की दो सबसे प्रामाणिक हदीस पुस्तकों का नाम हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से “सहीहैन” कहा जाता है। दोनों ग्रंथों में …
इमाम अबू अब्दुल्लाह मुहम्मद इब्न इस्माइल अल-बुखारी (194–256 हिजरी / 810–870 ई.) इस्लाम के महान मुहद्दिस, हदीस विज्ञान के अग्रणी विद्वान और प्रसिद्ध ग्रंथ सहीह अल-बुखारी …
कुतुब अल-सित्ताह (Kutub al-Sittah) का अर्थ है “छह पुस्तकें”। यह इस्लाम की छह सबसे प्रसिद्ध और व्यापक रूप से स्वीकृत हदीस पुस्तकों का समूह है, जिनमें …
सहीह हदीस वह हदीस है जिसकी सनद (रावियों की श्रृंखला) पूरी तरह जुड़ी हुई हो, सभी रावी विश्वसनीय, न्यायप्रिय और मजबूत स्मरणशक्ति वाले हों, तथा हदीस …
मरफू (Marfu‘), मौकूफ (Mawquf) और मक़्तू (Maqtu‘) हदीस विज्ञान (उलूम अल-हदीस) की महत्वपूर्ण शब्दावली हैं, जिनका उपयोग किसी रिवायत (Narration) के स्रोत की पहचान करने के …
मुहद्दिस (Muhaddith) वह इस्लामी विद्वान होता है जो हदीस विज्ञान में विशेषज्ञता रखता है। वह हदीसों के संग्रह, संरक्षण, रावियों (वर्णनकर्ताओं) की जांच, सनद (Isnad) और …
जईफ (कमज़ोर) हदीस वह हदीस है जो सहीह या हसन हदीस की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं करती। इसकी सनद (वर्णन-श्रृंखला) में किसी प्रकार की कमजोरी, …
मक्की सूरह वे हैं जो पैगंबर मुहम्मद ﷺ पर हिजरत से पहले अवतरित हुईं, जबकि मदानी सूरह वे हैं जो हिजरत के बाद अवतरित हुईं। मक्की …
पवित्र कुरआन में अनेक ऐसी आयतें हैं जो आधुनिक विज्ञान की कई खोजों से मेल खाती प्रतीत होती हैं। इनमें भ्रूणविज्ञान, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विस्तारशील ब्रह्मांड, …
पवित्र कुरआन का सबसे छोटा सूरह सूरह अल-कौसर (सूरह नंबर 108) है। इसमें केवल 3 आयतें हैं। यह मक्का में अवतरित हुआ और अल्लाह की अपार …
पवित्र कुरआन का सबसे लंबा सूरह सूरह अल-बकराह (सूरह नंबर 2) है। इसमें कुल 286 आयतें हैं और यह लगभग ढाई पारे (जुज़) में फैला हुआ …