कुरआन की वैज्ञानिक आयतें कौन सी हैं?
पवित्र कुरआन में अनेक ऐसी आयतें हैं जो आधुनिक विज्ञान की कई खोजों से मेल खाती प्रतीत होती हैं। इनमें भ्रूणविज्ञान, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विस्तारशील ब्रह्मांड, …
पवित्र कुरआन में अनेक ऐसी आयतें हैं जो आधुनिक विज्ञान की कई खोजों से मेल खाती प्रतीत होती हैं। इनमें भ्रूणविज्ञान, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विस्तारशील ब्रह्मांड, …
पवित्र कुरआन का सबसे छोटा सूरह सूरह अल-कौसर (सूरह नंबर 108) है। इसमें केवल 3 आयतें हैं। यह मक्का में अवतरित हुआ और अल्लाह की अपार …
पवित्र कुरआन का सबसे लंबा सूरह सूरह अल-बकराह (सूरह नंबर 2) है। इसमें कुल 286 आयतें हैं और यह लगभग ढाई पारे (जुज़) में फैला हुआ …
कुरआन अल्लाह तआला का अंतिम और पूर्ण वचन है, जो फ़रिश्ते जिब्रील (अलैहिस्सलाम) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित किया गया। यह मानवता के …
फ़रिश्ते अल्लाह की एक विशेष सृष्टि हैं जिन्हें नूर (प्रकाश) से बनाया गया है। वे हमेशा अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके आदेशों का पालन करते …
दुआ और ज़िक्र इस्लाम की महत्वपूर्ण इबादतों में से हैं। दुआ अल्लाह से अपनी आवश्यकताओं, इच्छाओं और क्षमा की प्रार्थना करना है, जबकि ज़िक्र अल्लाह को …
हदीस पैग़म्बर (ﷺ) के कथनों, कर्मों, स्वीकृतियों और जीवन-व्यवहार का रिकॉर्ड है। यह कुरआन के बाद इस्लाम का दूसरा प्रमुख स्रोत माना जाता है। हदीस मुसलमानों …
‘इस्लाम’ शब्द का मुख्य अर्थ एकमात्र ईश्वर (अल्लाह) के सामने खुद को पूरी तरह समर्पित कर देना और उसकी आज्ञा का पालन करना है। इसी समर्पण …
इस्लाम की मूल नींव तीन हैं: तौहीद (अल्लाह की एकता), रिसालत (नबियों और रसूलों पर विश्वास) और आख़िरत (मृत्यु के बाद के जीवन पर विश्वास)। ये …
इस्लाम अल्लाह द्वारा मानवता के लिए भेजा गया अंतिम और पूर्ण जीवन-मार्ग है। इसका अर्थ है अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण, आज्ञाकारिता और उसकी इच्छा के …