कुरआन की वैज्ञानिक आयतें कौन सी हैं?
पवित्र कुरआन में अनेक ऐसी आयतें हैं जो आधुनिक विज्ञान की कई खोजों से मेल खाती प्रतीत होती हैं। इनमें भ्रूणविज्ञान, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विस्तारशील ब्रह्मांड, …
पवित्र कुरआन में अनेक ऐसी आयतें हैं जो आधुनिक विज्ञान की कई खोजों से मेल खाती प्रतीत होती हैं। इनमें भ्रूणविज्ञान, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विस्तारशील ब्रह्मांड, …
नमाज़ इस्लाम की दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण शारीरिक इबादत है। यह अल्लाह की बंदगी, याद और आज्ञापालन का एक विशेष तरीका है, जिसे हर बालिग मुसलमान …
‘इस्लाम’ शब्द का मुख्य अर्थ एकमात्र ईश्वर (अल्लाह) के सामने खुद को पूरी तरह समर्पित कर देना और उसकी आज्ञा का पालन करना है। इसी समर्पण …
मौज़ू (मनगढ़ंत) हदीस वह हदीस है जिसे किसी व्यक्ति ने स्वयं गढ़कर झूठे रूप में पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) की ओर मंसूब कर दिया हो। यह हदीस …
हदीस इस्लाम का दूसरा प्रमुख स्रोत है, जो कुरआन के बाद मुसलमानों के लिए मार्गदर्शन का आधार है। इसलिए यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि सबसे पहले …
इमाम बुखारी ने केवल 10 वर्ष की आयु में हदीस अध्ययन शुरू कर दिया था। बचपन से ही उनकी स्मरण शक्ति असाधारण थी और वे हदीसों …
मुहद्दिस (Muhaddith) वह इस्लामी विद्वान होता है जो हदीस विज्ञान में विशेषज्ञता रखता है। वह हदीसों के संग्रह, संरक्षण, रावियों (वर्णनकर्ताओं) की जांच, सनद (Isnad) और …
कुरआन अल्लाह तआला का अंतिम और पूर्ण वचन है, जो फ़रिश्ते जिब्रील (अलैहिस्सलाम) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित किया गया। यह मानवता के …
फ़रिश्ते अल्लाह की एक विशेष सृष्टि हैं जिन्हें नूर (प्रकाश) से बनाया गया है। वे हमेशा अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके आदेशों का पालन करते …
इस्लाम अल्लाह द्वारा मानवता के लिए भेजा गया अंतिम और पूर्ण जीवन-मार्ग है। इसका अर्थ है अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण, आज्ञाकारिता और उसकी इच्छा के …
इस्लाम पाँच मूलभूत स्तंभों पर आधारित है। ये हैं: कलिमा शहादत, नमाज़, ज़कात, रोज़ा और हज। ये पाँचों स्तंभ मुसलमान के ईमान, इबादत और जीवन-व्यवस्था की …
ज़कात इस्लाम का तीसरा स्तंभ है और एक अनिवार्य आर्थिक इबादत है। यह उन मुसलमानों पर फ़र्ज़ है जिनके पास निसाब के बराबर या उससे अधिक …