सहीह हदीस क्या है?
सहीह हदीस वह हदीस है जो मुहद्दिसीन द्वारा निर्धारित कठोर मानदंडों को पूरा करती हो और जिसकी सनद (श्रृंखला) तथा मत्न (पाठ) दोनों विश्वसनीय हों। यह …
सहीह हदीस वह हदीस है जो मुहद्दिसीन द्वारा निर्धारित कठोर मानदंडों को पूरा करती हो और जिसकी सनद (श्रृंखला) तथा मत्न (पाठ) दोनों विश्वसनीय हों। यह …
इमाम बुखारी ने केवल 10 वर्ष की आयु में हदीस अध्ययन शुरू कर दिया था। बचपन से ही उनकी स्मरण शक्ति असाधारण थी और वे हदीसों …
कुतुब अल-सित्ताह (Kutub al-Sittah) का अर्थ है “छह पुस्तकें”। यह इस्लाम की छह सबसे प्रसिद्ध और व्यापक रूप से स्वीकृत हदीस पुस्तकों का समूह है, जिनमें …
जईफ (कमज़ोर) हदीस वह हदीस है जो सहीह या हसन हदीस की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं करती। इसकी सनद (वर्णन-श्रृंखला) में किसी प्रकार की कमजोरी, …
मक्की सूरह वे हैं जो पैगंबर मुहम्मद ﷺ पर हिजरत से पहले अवतरित हुईं, जबकि मदानी सूरह वे हैं जो हिजरत के बाद अवतरित हुईं। मक्की …
कुरआन अल्लाह तआला का अंतिम और पूर्ण वचन है, जो फ़रिश्ते जिब्रील (अलैहिस्सलाम) के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) पर अवतरित किया गया। यह मानवता के …
‘इस्लाम’ शब्द का मुख्य अर्थ एकमात्र ईश्वर (अल्लाह) के सामने खुद को पूरी तरह समर्पित कर देना और उसकी आज्ञा का पालन करना है। इसी समर्पण …
इस्लाम अल्लाह द्वारा मानवता के लिए भेजा गया अंतिम और पूर्ण जीवन-मार्ग है। इसका अर्थ है अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण, आज्ञाकारिता और उसकी इच्छा के …
ज़कात इस्लाम का तीसरा स्तंभ है और एक अनिवार्य आर्थिक इबादत है। यह उन मुसलमानों पर फ़र्ज़ है जिनके पास निसाब के बराबर या उससे अधिक …
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं शेख हसीना। वह बांग्लादेश के इतिहास की एकमात्र महिला हैं जिन्होंने बार-बार प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई है और …
फ़िक़्ह या इस्लामी विधिशास्त्र इस्लाम की एक मौलिक शाखा है। यह कुरआन और सुन्नत के प्रकाश में मुसलमानों के दैनिक जीवन, इबादत, लेन-देन और पारिवारिक मामलों …
फ़रिश्तों को नूर (प्रकाश) से बनाया गया है। पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने फ़रमाया: “फ़रिश्तों को नूर से पैदा किया गया, जिन्नों को धुएँ रहित आग से …