घरेलू हिंसा अधिनियम २०२६: पुरुष और महिला — कौन पाएगा सुरक्षा? पूर्ण विश्लेषण
१५ मार्च, २०२६ — भारत के घरेलू हिंसा कानून के इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव आया है। घरेलू हिंसा (संरक्षण) संशोधन अध्यादेश, २०२६ के माध्यम से पहली बार पुरुषों, बच्चों …
१५ मार्च, २०२६ — भारत के घरेलू हिंसा कानून के इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव आया है। घरेलू हिंसा (संरक्षण) संशोधन अध्यादेश, २०२६ के माध्यम से पहली बार पुरुषों, बच्चों …
२१ अप्रैल, २०२६ — सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सबसे विवादास्पद सेक्शन सेक्शन ६९ के दायरे को सीमित करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। पिछले ३ …
२८ फरवरी, २०२६ — भारत के सुप्रीम कोर्ट नं एक ऐतिहासिक फैसले में डिजिटल अरेस्ट स्कैम के पीड़ितों के लिए कानूनी दरवाजा खोल दिया है। अब बैंक …