क्रिकेट का सबसे विवादास्पद और अंपायरों के लिए सबसे कठिन निर्णय एलबीडब्ल्यू (LBW) होता है। एमसीसी (MCC) के कानून 36 के अनुसार, यदि गेंद बल्ले पर लगे बिना बल्लेबाज के शरीर के किसी हिस्से (आमतौर पर पैड) पर लगती है और अंपायर को लगता है कि गेंद स्टंप्स पर लगती, तो बल्लेबाज आउट हो सकता है। हालाँकि, इसके लिए 5 मुख्य शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है।
एलबीडब्ल्यू आउट होने की मुख्य शर्तें:
एमसीसी के नियमों के अनुसार, एक बल्लेबाज तभी आउट होगा जब निम्नलिखित बातें घटित होंगी:
- 1.1 गेंद का लीगल या वैध होना: गेंदबाज को एक वैध गेंद डालनी होगी। यदि गेंद ‘नो-बॉल’ है, तो बल्लेबाज किसी भी तरह से एलबीडब्ल्यू आउट नहीं होगा।
- 1.2 गेंद की पिचिंग और पैड पर प्रहार: गेंद को या तो सीधे विकेटों की लाइन में गिरना चाहिए या ऑफ-साइड की लाइन में गिरना चाहिए। यदि गेंद लेग-साइड के बाहर (Outside Leg) गिरती है और फिर बल्लेबाज के पैड या शरीर पर लगती है, तो बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू आउट नहीं दिया जा सकता (चाहे वह गेंद स्टंप्स पर ही क्यों न लग रही हो)।
- 1.3 शॉट खेलने का प्रयास: गेंद जब बल्लेबाज के पैड या शरीर पर लगती है, तो वह बल्ले या ग्लव्स पर लगने से पहले होनी चाहिए।
- 1.4 इम्पैक्ट या प्रहार का स्थान (Impact): यदि बल्लेबाज शॉट खेलने का प्रयास करता है, तो गेंद पैड या शरीर पर विकेटों की लाइन (In line) में लगनी चाहिए। लेकिन यदि बल्लेबाज शॉट खेलने का प्रयास नहीं करता (Dead bat/Leaving the ball), तो इम्पैक्ट ऑफ-साइड के बाहर होने पर भी वह आउट हो सकता है।
- 1.5 स्टंप्स पर लगने की संभावना: अंपायर को यह सुनिश्चित होना चाहिए कि यदि गेंद पैड या शरीर पर नहीं लगती, तो वह सीधे स्टंप्स से टकराती।
कब एलबीडब्ल्यू आउट नहीं होगा? (सावधानियाँ):
कुछ मामलों में गेंद पैड पर लगने के बावजूद अंपायर आउट नहीं देंगे:
- 2.1 बल्ले या ग्लव्स पर लगने पर (हाथ जुड़ा हो): यदि गेंद पहले बल्ले के किसी हिस्से पर लगती है, या बल्ले के हैंडल को पकड़े हुए ग्लव्स (हाथ) पर लगती है और फिर पैड पर लगती है, तो वह किसी भी स्थिति में आउट नहीं होगा।
- 2.2 लेग स्टंप के बाहर पिच होने पर: यदि गेंद बल्लेबाज के लेग स्टंप के बिल्कुल थोड़ा सा भी बाहर पिच होकर पैड पर लगती है, तो कानून के अनुसार वह नॉट-आउट है।
- 2.3 ऊँचाई: यदि पैड पर लगने के बाद गेंद के स्टंप्स के काफी ऊपर से जाने की संभावना हो, तो बल्लेबाज आउट नहीं होगा।
निष्कर्ष
क्रिकेट का कानून 36 इसलिए बनाया गया है ताकि बल्लेबाज अपने पैड या शरीर को ‘दूसरे बल्ले’ के रूप में इस्तेमाल करके स्टंप्स की रक्षा न कर सकें। यह खेल में संतुलन बनाए रखता है। आधुनिक क्रिकेट में DRS (Decision Review System) आने के बाद एलबीडब्ल्यू निर्णयों की सटीकता काफी बढ़ गई है। एक बल्लेबाज के लिए एलबीडब्ल्यू से बचने के लिए केवल पैरों का मूवमेंट ही नहीं, बल्कि गेंद की लाइन और बल्ले का सही संपर्क सुनिश्चित करना भी जरूरी है। यह कानून जहाँ बल्लेबाज के लिए दबाव पैदा करता है, वहीं एक गेंदबाज के लिए यह बेहतरीन हथियारों में से एक है।
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